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श्री श्यामाचरण गुप्ता

लोकसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही सियासी उठापटक का दौर शुरू हो गया है। इलाहाबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद श्यामाचरण गुप्ता को अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी से बांदा लोक सभा से टिकट दे भाजपा को बड़ा झटका दिया है। दरअसल लंबे समय से इलाहाबाद लोकसभा से श्यामाचरण गुप्ता की टिकट कटने की खबर सुर्खियों में थी। लेकिन भाजपा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। भाजपा में टिकट कटने की खबर भले ही के साथ लंबे समय से सुर्खियों में रही हो लेकिन वो खुद कुछ बोलने से बचते रहे। श्यामाचरण बांदा लोकसभा से पहले भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं । वहीं 2014 के लोकसभा में भाजपा में शामिल हुए श्यामाचरण इलाहाबाद से सांसद चुने गये जो पांच साल के कार्यकाल पुरा होते होते फिर घर वापसी कर लिए है।

बता दें की श्यामा चरण गुप्ता के टिकट काटने और सपा में जाने की चर्चा भी जोर शोर से चल रही थी । लोकसभा चुनाव के बाद हुए यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से ही बेटे को टिकट न देने के चलते श्यामा चरण नाराज चल रहे थे । वही स्थानीय तौर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से उनकी खीचतान जग जाहिर रही । अक्सर दोनों एक दुरे के साथ मंच साझा करने से बचते रहे । वही दो दिन पूर्व श्यामा चरण के बेटे विदुप अग्रहरी ने अपने पिता की टिकट कटने की बात पर नाराजगी जाहिर करते हुए खुद को इलाहाबाद लोकसभा से निर्दलीय उम्मीदवार घोषित करने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि श्यामाचरण गुप्ता भी कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं हालांकि श्यामाचरण ने खुद पार्टी छोड़ने का ऐलान नहीं किया था लेकिन उम्मीदवारी घोषित होने के बाद भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है ।

पहले भी बदला है सियासी पाला

श्यामाचरण राजनीतिक शख्सियत होने के साथ-साथ प्रदेश के बड़े व्यवसायियों में हैं। जानकारों का कहना है कि श्यामाचरण जितना बारीकी से व्यापार करते हैं उतनी ही बारीकी से राजनीति में सक्रिय हैं। हवा भांपकर सियासी पाला भी कई बार बदल चुके हैं। श्याम ग्रुप आफ कंपनीज के मालिक श्यामाचरण के देशभर में 50 से ज्यादा प्रोडक्ट बाजार में हैं। मुख्य व्यवसाय बीड़ी उद्योग है। तेंदू पत्ते से लेकर घी तेल दूध साबुन बनाने की कई फैक्ट्रियों के साथ ही कई बड़े होटल्स के मालिक हैं।

टूट सकता है बड़ा वोट बैंक

श्यामाचरण गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। फिर उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। लेकिन बीते लोक सभा चुनाव में फिर से भाजपा से टिकट लेकर मैदान में उतरेऔर जीत दर्ज की । अब एक बार फिर चुनाव से पहले चुपचाप बिना किसी एलान के पार्टी बदल ली है। श्यामाचरण गुप्ता सपा के टिकट से बांदा लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। भाजपा से श्यामाचरण गुप्ताके अलग होने से व्यापारी वर्ग का बड़ा वोट बैंक उनके साथ भाजपा से अलग हो सकता हैं।

श्यामाचरण का सियासी सफ़र

श्यामाचरण गुप्ता 1989 में भाजपा के टिकट से इलाहाबाद से मेयर चुने गए। 1991 में इलाहाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन हार गए। इसके बाद उन्होंने पार्टी बदली और 2004 में सपा के टिकट से बांदा से सांसद चुने गए। 2009 लोकसभा में फूलपुर से प्रत्याशी रहे श्यामाचरण को हार मिली।पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और मोदी लहर में सांसद चुने गए।अब एक बार फिर सपा खेमे में वापसी की है ।

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