हमारे विधायक
मध्यदेशीय वैश्य महासभा
शà¥à¤°à¥€ अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° गà¥à¤ªà¥à¤¤ - ललà¥à¤²à¥‚ जी
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की राजनीति में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ फिर से वापसी की कोशिश में है। पारà¥à¤Ÿà¥€ ने पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· का नाम घोषित कर दिया है। यूपी की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ और पारà¥à¤Ÿà¥€ महासचिव पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी के करीबी माने जाने वाले अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ललà¥à¤²à¥‚ को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने यूपी में अपनी डामाडौल होती नैया का खेवैया बनाया है।
यूपी कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की नई समिति में पिछली समिति की अपेकà¥à¤·à¤¾ काफी कम सदसà¥à¤¯ हैं। पिछली समिति में जहां लगà¤à¤— 500 सदसà¥à¤¯ थे, वहीं नई समिति में महज 40 से 45 सदसà¥à¤¯ हैं। पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की हर राजनीतिक गतिविधियों और घटनाओं पर नजर रखने वाली कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ महासचिव पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी अपनी जो टीम तैयार कर रही हैं, उसमें यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की बड़ी à¤à¤¾à¤—ीदारी दिख रही है।
नठपà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ललà¥à¤²à¥‚ 40 साल के हैं और उनकी टीम के सदसà¥à¤¯ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 40 से 45 साल की उमà¥à¤° के ही हैं। à¤à¤¸à¥‡ में देखना होगा कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की यà¥à¤µà¤¾ टीम कà¥à¤¯à¤¾ पारà¥à¤Ÿà¥€ का खोया हà¥à¤† जनाधार वापस दिला पाà¤à¤—ी।
अजय, कà¥à¤¶à¥€à¤¨à¤—र की तà¥à¤®à¤•à¥à¤¹à¥€à¤°à¤¾à¤œ विधानसà¤à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से दूसरी बार विधायक चà¥à¤¨à¥‡ गठहैं। साल 2012 में पहली बार विधायक चà¥à¤¨à¥‡ गठथे तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के नंद किशोर मिशà¥à¤°à¤¾ को 5860 वोटों से हराया था, जिसके बाद उनकी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ और बढ़ती चली गई।
साल 2017 में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ और मोदी लहर में à¤à¥€ तमकà¥à¤¹à¥€à¤°à¤¾à¤œ की जनता ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ही चà¥à¤¨à¤¾à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने न केवल अपनी सीट बचाई, बलà¥à¤•ि 2012 चà¥à¤¨à¤¾à¤µ से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़े अंतर से à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¥€ को हराया।
सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर हमेशा रहे मà¥à¤–र
अजय पूरà¥à¤µà¥€ उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ से आते हैं और पिछड़ी कही जाने वाली कानू जाति से तालà¥à¤²à¥à¤• रखते हैं। वह कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के पूरà¥à¤µà¥€ यूपी के कारà¥à¤¯à¤•ारी अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¥€ हैं। वह कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ महासचिव पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी वाडà¥à¤°à¤¾ के बेहद करीबी माने जाते हैं और उनके साथ उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के हर दौरे में नजर आते हैं।
वह सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर मà¥à¤–र à¤à¥€ हैं और यूपी में हर मसले को उ� ाने को लेकर ततà¥à¤ªà¤° रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को अजय से काफी उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡ हैं।
छातà¥à¤° संघ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· रहे, चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़े, हारे, मजदूर बने और फिर विधायक बने
अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ललà¥à¤²à¥ à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ कॉलेज के छातà¥à¤° संघ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· रहे हैं। वह शà¥à¤°à¥‚ से जमीनी आंदोलनों में बेहद सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ दिखते रहे हैं। कई बार उनपर पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की ला� ियां à¤à¥€ बरसीं। लोग उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धरना कà¥à¤®à¤¾à¤° à¤à¥€ कहा करते हैं।
विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में निरà¥à¤¦à¤²à¥€à¤¯ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° के तौर पर चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ने वाले अजय को पहली बार हार नसीब हà¥à¤ˆà¥¤ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हारने के बाद आजीविका चलाने के लिठअजय मजदूरी करने दिलà¥à¤²à¥€ पहà¥à¤‚चे और दिहाड़ी पर काम किया। इन दिनों में मजदूरी के दौरान à¤à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की जनता से संपरà¥à¤• में रहे।
वह फिर से कà¥à¤¶à¥€à¤¨à¤—र लौटे और सड़कों पर संघरà¥à¤· करने लगे। साल 2012 में जब विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हà¥à¤† तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के नंद किशोर मिशà¥à¤°à¤¾ को 5860 वोटों से हरा दिया और पहली बार विधायक बने। 2017 में वह दूसरी बार विधायक बने।
