रथ यात्रा का भव्य समापन: मऊ में उमड़ा जनसैलाब
बाबा गणिनाथ जी की पावन जन्मस्थली पलवैया धाम (बिहार) से 4 सितंबर 2021 को प्रारंभ हुई ‘संत गणिनाथ सामाजिक जागृति एवं राजनीतिक चेतना रथ यात्रा’ 18 दिनों तक अनवरत जन-जागरण करते हुए अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँची। बिहार के हाजीपुर, छपरा से लेकर उत्तर प्रदेश के दर्जनों जनपदों में अलख जगाने के बाद इस ऐतिहासिक महा-अभियान का विधिवत एवं भव्य समापन मऊ जनपद के प्रतिष्ठित 'आर. एस. पैलेस' में संपन्न हुआ।
पूरे उत्तर प्रदेश से उमड़ी हजारों स्वजाति बंधुओं की भीड़
मऊ के आर. एस. पैलेस में आयोजित समापन समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की अटूट एकता और राजनीतिक शक्ति का विशाल प्रदर्शन बन गया:
हजारों की सहभागिता: समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के कोने-कोने—पूर्वांचल से लेकर पश्चिमांचल तक—से हजारों की संख्या में स्वजाति बंधु, मातृशक्ति और युवा साथी सम्मिलित हुए।
अभूतपूर्व उत्साह: 18 दिनों तक चले इस कठिन और संकल्पबद्ध अभियान की सफलता का उल्लास पूरे सभागार में बाबा गणिनाथ जी के गगनभेदी जयकारों के साथ गूँज रहा था।
वरिष्ठों व युवाओं का संगम: समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शकों और युवा कार्यकर्ताओं ने एक मंच पर आकर इस आंदोलन को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
18 दिनों की यात्रा: संघर्ष, संकल्प और सिद्धि
अथक प्रवास: इन 18 दिनों के दौरान यात्रा ने सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय की, दर्जनों जनपदों, कस्बों और गांवों में सामाजिक बैठकों व संवाद कार्यक्रमों के जरिए समाज को संगठित किया।
नेतृत्व की निरंतरता: युवा अध्यक्ष मनीष गुप्ता (मद्धेशिया) जी के नेतृत्व में युवा टीम—महामंत्री अभिषेक मद्धेशिया और कोषाध्यक्ष नवल मद्धेशिया शुरुआत से लेकर समापन तक पूरी ऊर्जा के साथ डटी रही, जिससे प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं का मनोबल अंत तक चरम पर रहा।
ऐतिहासिक परिणाम: इस समापन कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि समाज अब अपनी पहचान, अपने आराध्य की महिमा और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी भागीदारी के प्रति पूरी तरह सजग और संगठित हो चुका है।
