रथयात्रा - 2021

रथ यात्रा का ऐतिहासिक शुभारंभ: पावन पलवैया धाम से उठी चेतना की गूँज

आराध्य की जन्मभूमि से समाज के पुनर्जागरण का शंखनाद

   वर्ष 2021 की ‘संत गणिनाथ सामाजिक जागृति एवं राजनीतिक चेतना रथ यात्रा’ का शुभारंभ मद्धेशिया समाज के परम पावन तीर्थ, कुलदेवता बाबा गणिनाथ जी की पावन जन्मस्थली पलवैया धाम (बिहार) से हुआ। यह केवल एक यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि समाज के आत्मसम्मान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राजनीतिक चेतना का ऐतिहासिक शंखनाद था।

वरिष्ठों का आशीर्वाद और युवा शक्ति का संगम

    पलवैया धाम के पावन प्रांगण में एक भव्य और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला:

संयुक्त सहभागिता: बिहार के स्थानीय स्वजाति बंधुओं, उत्तर प्रदेश की समर्पित युवा टीम और समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शकों की गरिमामयी उपस्थिति में यह पावन आयोजन प्रारंभ हुआ।
युवा नेतृत्व: उत्तर प्रदेश के यशस्वी युवा अध्यक्ष **मनीष गुप्ता जी** के कुशल नेतृत्व में युवा टीम ने अपनी ऊर्जा और निष्ठा से पूरे वातावरण को भक्तिमय व उत्साहवर्धक बना दिया।
वरिष्ठों का सानिध्य और युवाओं का अदम्य उत्साह इस बात का प्रतीक था कि समाज की नई और पुरानी पीढ़ी मिलकर एक नए स्वर्णिम अध्याय की रचना कर रही है।

वर्चुअल हरी झंडी और गाजे-बाजे के साथ प्रस्थान

    ऐतिहासिक हरी झंडी: समाज के सम्मानीय अभिभावक जगन्नाथ बाबू जी ने बजबज, पo बंगाल से वर्चुअल रूप से उपस्थित होकर हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक रथ यात्रा को विधिवत रवाना किया।

शुभ तिथि एवं समय: 4 सितंबर 2021, दिन शनिवार को अपार हर्षोल्लास, ढोल-नगाड़ों की थाप और बाबा गणिनाथ जी के गगनभेदी जयकारों के बीच रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। उस पावन घड़ी में उपस्थित हर स्वजाति बंधु का हृदय गर्व और उत्साह से परिपूर्ण था।

बिहार से उत्तर प्रदेश तक चेतना का विस्तार

    पलवैया धाम से प्रारंभ होकर यह चेतना रथ यात्रा आस्था और स्वाभिमान का संदेश लेकर आगे बढ़ी:

मार्ग और विस्तार: यह यात्रा बिहार के हाजीपुर से छपरा होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमाओं में दाखिल हुई।

जनपदों में भ्रमण: उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जनपदों और प्रमुख कस्बों में रथ यात्रा का अभूतपूर्व स्वागत किया गया। जहाँ-जहाँ से यह रथ गुजरा, वहाँ समाज में एक नई ऊर्जा, राजनीतिक चेतना और अपने कुलगुरु के प्रति अटूट आस्था की लहर दौड़ गई।
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