रथयात्रा के मूल उद्देश्य एवं संकल्प
यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य कुलदेवता बाबा गणिनाथ महाराज के जीवन दर्शन, आदर्शों और उनकी शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाना था। नई पीढ़ी को अपने इतिहास और कुलगुरु के प्रति आस्था से जोड़कर सांस्कृतिक गौरव को फिर से स्थापित किया गया।
2. सामाजिक एकता और बंधुत्व का विस्तार:
विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में बंटे स्वजाति बंधुओं को एक मंच पर लाना इसका प्रमुख लक्ष्य था। रथ यात्रा ने समाज के हर वर्ग को यह संदेश दिया कि संगठित समाज ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है।
3. राजनीतिक चेतना और संख्या बल का प्रकटीकरण:
लोकतंत्र में संख्या बल ही सबसे बड़ी ताकत होती है। इस रथ यात्रा का एक अहम उद्देश्य समाज को अपनी राजनीतिक शक्ति का अहसास कराना था। समाज को केवल वोट बैंक न बनकर नीति-निर्माण और शासन-प्रशासन में अपनी वास्तविक भागीदारी और हिस्सेदारी दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।
4. युवा शक्ति का संगठनात्मक जुड़ाव:
युवाओं को समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक समझ के साथ जोड़ना, ताकि आने वाले समय में समाज को मजबूत नेतृत्व मिल सके।

